२. वह जो इश्क़ था वह जूनून था,ये जो हिज्र है ये नसीब है......जबमुझेउनसेइश्क़हुआ, जबमेरीनज़रेंउनसेचारहुईंतोयहइश्क़जूनूनमेंपरिवर्तितहोगया .यहजूनूनएकतरहकापागलपन, एकप्रकारकीदीवानगीहैजहांइंसानइतनाखोजाताहैकीउसेअपनेआपकीसुधनहींरहती. यहाँउसहीजुनूनकीबातकीगयीहैजोअक्सरमीराऔरकबीरकेप्रेममेंनज़रआतीहै.यहजोजुदाईजकाआलमहै ....विरहमेंतड़परहाहूँ ,यहमेरानसीबहै,मेरीख़ुशनसीबीहै.इसमेंबहनेवालेआँसूआनंदकेप्रतिकहैंजिसमेंडूबतेडूबतेइंसानपूर्णरूपसेधुलजातारवहएकदमपवित्रहोजाताहै.यहमेरानसीबहैकीमुझेउनमेंडूबनेमौकामिलाजोशायदबिरलोंकोहीनसीबहै.
३. यहाँ किसका चेहरा पढ़ा करूं,
यहाँ कौन इतना करीब है....हरइंसानकेजीवनमेंएकतन्हाईहै,जुस्तजूहै . यहाँचेहरापढनेकाअर्थपढनेसेनहींहैबल्किउसमेंडूबनेसेहै . यहडूबनेवालाचेहराकेवलगुरु/संत/पीरकाहीहोसकताहै.यहतलाशगुरुकेदिव्यातेजकीहैक्योंकिवेहीसबसबसेअधिककरीबहैं.बाकीसारेरिश्तेनातेमोहमायाकेजालहैं.अंततकसाथदेऐसाकोईनहीं.जोनसीबवालाहैउसेहीदूरीनसीबहुयीहै...विरहमेंतड़परहाहै...ज्ञानकीओरसत्पथपरअग्रसरहै .इसलिएदुसरेशेरकोफिरपढ़िएऔरआध्यात्मकीगहराईयोंमेंगोतेलगाईए.
४. मैं किसे कहूं मेरे साथ चल,यहाँ सब के सर पे सलीब है.......इसनश्वरसंसारमेंमेराअंततकसाथदेनेवालाकोईनहींहै.मेंकिससेउम्मीदकरूनसाथकीसबहीसांसारिकजीवनजालमेंबुरीतरहसेजकड़ेहुएहैं.केवलगुरुहीमेरासाथदेसकतेहैंक्योंकिगुरुभीवहीहोताहैजिसकेसरपेसलीबहो.यहाँसलीब (ज़िम्मेदारी/बोझ/तड़प) उसदिव्याज्योतिसेसाक्षात्कारकाहै.जबबातसाक्षात्कारकीहोसलीबभीपरमानन्दमेंतब्दीलहोजाताहै.वोसेदेखाजाएतोसलीबएकनकारात्मकसहबदहैलेकिनगुरुकीसकारत्मकउर्जाकेआगेयहसलीबहीपरमानदहै.मेरासलीबअर्थातगुरुकीतलाशहै....वोमिलेंतोसलीबपरमानन्दहो......
शोर है ,शांति है, यही तो साहिल की ख़ूबसूरती है
हैं तो अंदाज़ दोनों के जुदा,फिर भी अजीब सी दोस्ती है